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आज का शुभ समय

आज के पंचांग के आधार पर शुभ, ठीक और अशुभ समय देखें। समय स्थान के अनुसार बदलते हैं।

आज: 05-सितंबर-2026

स्थान: नई दिल्ली, दिल्ली

अभी 12:00 am

ठीक

आज का शुभ समय सारांश

आज का शुभ समय:
  • 10:54pm–11:59pm — चौघड़िया शुभ
आज का ठीक समय:
  • 12:00am–12:18am — मृगशिरा, अष्टमी
  • 3:10am–4:21am — चौघड़िया चर
  • 5:51am–6:00am — मृगशिरा, नवमी
  • 7:42am–9:09am — मृगशिरा, नवमी
  • 12:19pm–5:02pm — मृगशिरा, नवमी
  • 6:38pm–9:27pm — मृगशिरा, नवमी
आज का अशुभ समय:
  • 12:19am–3:09am — चौघड़िया उद्वेग
  • 4:22am–5:50am — वर्ज्यम्
  • 6:01am–7:41am — दुर्मुहूर्त
  • 9:10am–12:18pm — चौघड़िया उद्वेग
  • 5:03pm–6:37pm — चौघड़िया काल
  • 9:28pm–10:53pm — चौघड़िया काल

आज का पंचांग विवरण

विक्रम संवत् 2083, शक संवत 1948, दक्षिणायन, वर्षा ऋतु, भाद्रपद मास
तिथि: अष्टमी 12:19am तक, फिर नवमी 10:00pm तक
नक्षत्र: मृगशिरा 9:36pm तक, फिर आर्द्रा
सूर्योदय 6:01am | सूर्यास्त 6:38pm
दुर्मुहूर्त: 6:01am– 7:41am
वर्ज्यम्: 4:22am– 5:50am
अमृत काल: 1:22pm– 2:50pm
राहु काल: 9:10am–10:43am
अधिक पंचांग विवरण
योग:
वज्र 12:52pm तक
सिद्धि 12:52pm से
करण:
कौलव 12:20am तक
तैतिल 11:11am तक
गरिज 10:01pm तक
वणिज 10:01pm से
चौघड़िया:
(सूर्योदय 6:01am, सूर्यास्त 6:38pm के आधार पर)
काल 6:01am- 7:35am
शुभ 7:35am- 9:10am
रोग 9:10am- 10:44am
उद्वेग 10:44am- 12:19pm
चर 12:19pm- 1:54pm
लाभ 1:54pm- 3:28pm
अमृत 3:28pm- 5:03pm
काल 5:03pm- 6:38pm
लाभ 6:38pm- 8:03pm
अमृत 8:03pm- 9:28pm
काल 9:28pm- 10:54pm
शुभ 10:54pm- 12:19am
रोग 12:19am- 1:44am
उद्वेग 1:44am- 3:10am
चर 3:10am- 4:35am
लाभ 4:35am- 6:01am

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आज का शुभ समय कैसे निर्धारित होता है

इस पृष्ठ का शुभ / ठीक / अशुभ समय आपके स्थान के पंचांग पर आधारित है। सूर्योदय और सूर्यास्त से दिन की समय-सीमा निर्धारित होती है। इस समय-सीमा के भीतर तिथि, नक्षत्र, दुर्मुहूर्त, वर्ज्यम् और चौघड़िया के प्रभाव का प्रत्येक मिनट के लिए आकलन किया जाता है। अधिक बल वाले अशुभ कारक (दुर्मुहूर्त या वर्ज्यम्) एक साथ आने पर उन्हीं को प्राथमिकता मिलती है। जन्म नक्षत्र उपलब्ध हो तो परिणाम और व्यक्तिगत हो सकते हैं।

दुर्मुहूर्त की गणना कैसे होती है?
स्थानीय सूर्योदय→सूर्यास्त (दिन की लंबाई) लेकर, सप्ताह के दिन के अनुसार एक या दो दुर्मुहूर्त अवधियाँ उस दिन के निश्चित अंशों पर रखी जाती हैं (प्रत्येक लगभग दिन-लंबाई का 0.8/12; शनिवार सूर्योदय से 1.6/12)। वे मिनट हमेशा अशुभ (लाल) माने जाते हैं।
वर्ज्यम् की गणना कैसे होती है?
वर्ज्यम् वर्तमान नक्षत्र की पूरी अवधि से जुड़ा है। प्रत्येक नक्षत्र के लिए पारंपरिक आरंभ अंश (उस अवधि का अंश) और उसी अवधि की 1.6/24 लंबाई का उपयोग होता है। उस दिन के भीतर पड़ने वाला समय अशुभ (लाल) माना जाता है।
अमृत काल की गणना कैसे होती है?
अमृत काल अशुभ वर्ज्यम्/वर्ग्यम् अवधि जैसी ही नक्षत्र-अवधि विधि उपयोग करता है; प्रति-नक्षत्र आरंभ-अंश तालिका अलग है, लंबाई वही 1.6/24। यह शुभ अंतराल के रूप में दिखता है; अकेले यह कुल शुभ/ठीक/अशुभ रंग नहीं बदलता।
राहु काल की गणना कैसे होती है?
राहु काल स्थानीय सूर्योदय→सूर्यास्त को 8 बराबर भागों में बाँटता है। प्रत्येक सप्ताह-दिन एक भाग चुनता है (रवि 8वाँ, सोम 2रा, मंगल 7वाँ, बुध 5वाँ, गुरु 6वाँ, शुक्र 4था, शनि 3रा)। यह इस परंपरा के लिए दिखाया जाता है। उपयोगकर्ता की व्यक्तिगत गणना में शामिल होने पर ही शुभ / ठीक / अशुभ परिणाम पर प्रभाव पड़ता है।
चौघड़िया की गणना कैसे होती है?
दिन (सूर्योदय→सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त→अगला सूर्योदय) प्रत्येक को 8 बराबर खण्ड में बाँटा जाता है। वार के अनुसार प्रत्येक खण्ड का नाम निर्धारित होता है। चौघड़िया को गणना में शामिल करने पर अमृत, शुभ और लाभ को शुभ; चर को ठीक; तथा रोग, काल और उद्वेग को अशुभ माना जाता है।

समय मार्गदर्शन परिणामों की गारंटी नहीं देता। इसे पारंपरिक पंचांग मार्गदर्शन के रूप में उपयोग करें।